*इंतहा मोहब्बत की* हम तो उनसे सौ-सौ सवाल करते हैं, फिर भी वो हम पे यकीं बेहिसाब करते हैं। जब-जब भी हम फूलों की तमन्ना करते हैं, वो हमें नज़र गुलशन तमाम करते हैं।
सुमन शर्मा, अजमेर। शैक्षणिक योग्यता- हिंदी साहित्य व दर्शन शास्त्र में स्नातकोत्तर, बी एड, एमजेएमसी। अध्यवसाय व अनुभव - 16 वर्ष तक सक्रिय...
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